Archive for the ‘संगीत ज़गत’ Category

अमर गायक मुकेश के जन्मदिन पर….

मित्रों ! आज मेरे प्रिय गायकों में से एक मुकेश जी का जन्मदिन है | हालांकि मैं इस समय टान्सिल से परेशान हूँ पर पर इस दिन को ऐसे नहीं जाने दूंगा | इसलिए मुकेशजी का ये गीत आज प्रस्तुत कर रहा हूँ….

Advertisements

दर्द दिलों के कम हो जाते….

शाम्भवी की आवाज़ में लीजिए एक नए फिल्म का ये गीत प्रस्तुत है…

बड़ी दूर से आये हैं….

मित्रों ! अपना एक मनपसंद गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जो आशा है आप को भी पसंद होगा….

आप से अनुरोध है कि आप मेरे Youtube के Channel पर भी Subscribe और Like करने का कष्ट करें ताकि आप मेरी ऐसी रचनाएं पुन: देख और सुन सकें

सुनो न संगेमरमर….

लीजिए प्रस्तुत है शाम्भवी की आवाज़ में एक गीत…

एक अंग्रेजी गीत

लीजिए इस बार एक अंग्रेजी गीत सुनिए जिसे गाया है मेरी बेटी शाम्भवी ने…

राग – रामकली

मित्रों ! आइए आपको राग रामकली से परिचय कराता हूँ…

राग – रामकली
थाट- भैरव
जाति- षाडव-वक्र-सम्पूर्ण
वादी-

संवादी- सा

न्यास-स्वर :- प
आरोह :- सा ग म प, ध नि सां ।
अवरोह :- सां नि ध  प, म’ प ध  नि ध  प, ग म रे सा ।
पकड़ :- म’ प ध नि ध प, ग म रे सा ।
तान स्थायी :-
१.        निसा गम पप म’प । धप मग रेसा निसा।
२.       निसा गम पध निसा। धनि धप म’ग गम।
३.       सांरें सांनि धप धनि । धप मप गम पध । सांनि धप धप म’प। गम पम गरे सा-।
४.       गंगं रेंगं गंरें सांनि। धप रेंरें सांरें रेंसां। निनि धप मग रेसा । निसा गग पध मप। गम पप मग रेसा।
तान अन्तरा :-
१.      रेंसां रेंसां निध पग। गम’ पध निसां रेंसां।
२.      निसा गम पध निसां। रेंगं गंगं रेंसां रेंसां। निध पम’ धनि सां-।
३.      म’प धनि धप मप । गम पध सांनि धप । म’प धनि सांनि धप।धनि सांरें गंगं रेंसां। रेंसां धप धनि सां।

 

टैग का बादल