प्रस्तुत है एक रचना जो मुझे उम्मीद है आपको अवश्य पसंद आयेगी…

तुम क्या दोगे साथ किसी का कोई साथ नहीं देता है |
सच्ची है ये बात किसी का कोई साथ नहीं देता है |

मतलब की यें बातें हमको आपस में  जोड़े रखती हैं,
हरदम ये हालात किसी का कोई साथ नहीं देता है |

हमने तुमको अपना समझा गलती मेरी  माफ़ करो तुम ,
याद रहेगी बात किसी का कोई साथ नहीं देता है |

सच्चाई को देर से जाना अपनी ख़ता तो बस इतनी है,
जानी खा कर  मात किसी का कोई साथ नहीं देता है |

उम्मीदों  से आते हैं पर खाली हाथ चले जाते हैं,
कह उठते ज़ज्बात किसी का कोई साथ नहीं देता है |

Advertisements

Comments on: "तुम क्या दोगे साथ, किसी का कोई साथ नहीं देता है" (29)

  1. बहुत सुंदर गजल ,,,वाह !!! क्या बात है, RECENT POST : अभी भी आशा है,

  2. आपने लिखा….हमने पढ़ा….और लोग भी पढ़ें; …इसलिए शनिवार 20/07/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी…. आप भी देख लीजिएगा एक नज़र लिंक में आपका स्वागत है ……….धन्यवाद!

  3. बढ़िया है भाई जी-बधाई –

  4. मूल और सार्थक बात। कोई किसी का होता नहीं है। पर प्रसन्नवदन जी एक बात ध्यान देने लायक है कि हमारा कोई हो न हो पर हम अनेकों के बनकर जरूर रह सकते है।

  5. बहुत ही सुन्दर रचना,आभार।

  6. बहुत बएहतरीन.रामराम.

  7. बेहतरीन ग़ज़ल….

  8. सच्ची है ये बात किसी का कोई साथ नहीं देता …..:))

  9. सच है किसी का साथ कोई नहीं देता… पर अंतिम पल तक उम्मीद जाती नहीं. बहुत उम्दा, दाद स्वीकारें.

  10. इंसान भले ही अकेला हो लेकिन उम्मीद उसके साथ रहती है तो उसे साथ मिल जाता है …बहुत सुन्दर

  11. wah bhai chaturvedi ji ……aj ke jamane ki sachchai ko khoob soorat andaj me aap ne prastut kiya hai ,,,,,,,,,badhai .

  12. खुबसूरत ग़ज़ल और सुंदर अभिव्यक्ति …..!!

  13. सुंदर प्रस्तुति ।।।

  14. खुबसूरत अल्फाजों में पिरोये जज़्बात….शानदार |

  15. वाह ! शानदार प्रस्तुति . एक – एक शब्द का चयन बहुत ही खूबसूरती से किया गया है .बधाई . मेरा ब्लॉग स्वप्निल सौंदर्य अब ई-ज़ीन के रुप में भी उपलब्ध है ..एक बार विसिट अवश्य करें और आपकी महत्वपूर्ण टिप्पणियों व सलाहों का स्वागत है .आभार !website : http://www.swapnilsaundaryaezine.hpage.comblog : http://www.swapnilsaundaryaezine.blogspot.com-स्वप्निल शुक्ला

  16. ऐसे कैसे , हम तो दे रहे हैं ना आपका साथ आपके पाठक बनकर ।बहुत सुंदर प्रस्तुति ।

  17. सुन्दर ग़ज़ल,सच ही तो है,कोई किसी का साथ नहीं देता.अपनी गठड़ी खुद ही ढोनी पड़ती है

  18. आप की रचना ने वाकया कायल कर दिया …

  19. ऐसे ही कड़वे सच से भरी है जिंदगी, कविता इसकी संवेदनशीलता को और उभार देती है।

  20. बहुत सुंदरउत्कृष्ट प्रस्तुतिसादर

  21. सच है चलना तो अकेले ही है बहुत खूब !

  22. बहुत सुन्दर गजल सटीक लगी !

  23. प्रसन्न जी , मैं पहली कविता पर कुछ कहना चाहता था , उसके लिए तो आपको बधाई दे ही दूं. देशप्रेम से भरपूर है , लेकिन मेरा ध्यान इस ग़ज़ल के शब्दों पर रुका और मैं दो बार पढ़ लिया .. आपने जादू कर दिया है . सच में दिल से बधाई स्वीकार करे.विजय कुमारमेरे कहानी का ब्लॉग है : storiesbyvijay.blogspot.comमेरी कविताओ का ब्लॉग है : poemsofvijay.blogspot.com

  24. सत्य को कहती सटीक रचना

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

टैग का बादल