अब मैनें अपने सभी निजी ब्लागों जैसे ‘मेरी ग़ज़ल’,‘मेरे गीत’ और ‘रोमांटिक रचनाएं’ को एक ही ब्लाग मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी’ में पिरो दिया है।दरअसल मैं चाहता हूँ कि आप मेरी हर रचना देंखें परन्तु सभी दर्शकगण और पाठक अलग-अलग ब्लाग्स पर सभी रचनाएं नहीं पढ़ पाते थे।सभी अनुसरणकर्ता बन्धुओं और मित्रों से अनुरोध है कि वे मेरे इस ब्लाग मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी’ का एक बार पुनः अनुसरण कर लें;असुविधा के लिये क्षमाप्रार्थी हूँ।आशा है आप को मेरा ये प्रयोग पसन्द आयेगा।

अब मेरी नई रचनायें ‘‘मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी” पर देखें….

समकालीन ग़ज़ल [पत्रिका] को भी अब आप लोगों की सुविधा के लिए एक जगह पर सीमित कर दिया है,कृपया जरूर देंखें…
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Comments on: "‘‘मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी”" (1)

  1. अब आपने बिल्कुल सही किया है.

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