है कठिन इस जिंदगी के हादसों को रोकना ।
मुस्कराहट रोकना या आसुओं को रोकना ।

वक्त कैसा आएगा आगे न जाने ये कोई ,
इसलिए मुश्किल है शायद मुश्किलों को रोकना ।

मंजिलों की ओर जाने के लिए हैं रास्ते,
इसलिए मुमकिन नहीं है रास्तों को रोकना ।

इनको होना था तभी तो हो गए होते गए ,
चाहते तो हम भी थे इन फासलों को रोकना ।

दोस्तों के रूप में अक्सर छुपे रहते हैं ये,
इसलिये आसां नहीं है दुश्मनों को रोकना ।

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Comments on: "है कठिन इस जिंदगी के हादसों को" (26)

  1. चतुर्वेदी जी,बहुत सुन्दर गज़ल है।बधाई स्वीकारें।

  2. चतुर्वेदी जी,बहुत सुन्दर गज़ल है।बधाई स्वीकारें।

  3. bahut hi sundar nazam hai ………

  4. bahut hi sundar nazam hai ………

  5. श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय श्री कृष्ण!!—-INDIAN DEITIES

  6. श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय श्री कृष्ण!!
    —-
    INDIAN DEITIES

  7. baभुत सुन्दर गज़ल बधाई

  8. baभुत सुन्दर गज़ल बधाई

  9. मैं ग़ज़ल की व्याकरण बहुत ज्यादा नहीं जानता…..मैं दिल से सोचता हूँ….और उसी से लखता भी हूँ……मात्रा-छंद आदि मुझे नहीं आते…..मगर जितना भी मैं जानता हूँ…..उसकी कसौटी पर आपकी ग़ज़लें मुझे बहुत-बहुत-बहुत भा गयीं…सच….आप अद्भुत लिखते हो प्रस्सन जी…..!!

  10. मैं ग़ज़ल की व्याकरण बहुत ज्यादा नहीं जानता…..मैं दिल से सोचता हूँ….और उसी से लखता भी हूँ……मात्रा-छंद आदि मुझे नहीं आते…..मगर जितना भी मैं जानता हूँ…..उसकी कसौटी पर आपकी ग़ज़लें मुझे बहुत-बहुत-बहुत भा गयीं…सच….आप अद्भुत लिखते हो प्रस्सन जी…..!!

  11. है कठिन इस जिंदगी के हादसों को रोकना ।मुस्कराहट रोकना या आसुओं को रोकना । bahut khoob….!!

  12. है कठिन इस जिंदगी के हादसों को रोकना ।
    मुस्कराहट रोकना या आसुओं को रोकना ।

    bahut khoob….!!

  13. अच्छा सन्देश देती शानदार ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई.परन्तु ग़ज़ल के एक शेर की निम्न पंक्तियों …………..इनको होना था तभी तो हो गए होते गए , में दो बार "गए" शब्द का प्रयोग समझ न सका, कहीं टाइपिंग त्रुटी तो नहीं?

  14. अच्छा सन्देश देती शानदार ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई.

    परन्तु ग़ज़ल के एक शेर की निम्न पंक्तियों …………..

    इनको होना था तभी तो हो गए होते गए ,

    में दो बार “गए” शब्द का प्रयोग समझ न सका, कहीं टाइपिंग त्रुटी तो नहीं?

  15. बेहतर गजल । इधर पढ़ नहीं पाया था, पर अब नियमित हूँ । आभार ।

  16. बेहतर गजल । इधर पढ़ नहीं पाया था, पर अब नियमित हूँ । आभार ।

  17. हलाकि हम भी ग़ज़ल का व्याकरण नहीं जानते परन्तु आपकी रचना मन को भा गयी. आभार.

  18. हलाकि हम भी ग़ज़ल का व्याकरण नहीं जानते परन्तु आपकी रचना मन को भा गयी. आभार.

  19. बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है भाई. सारे शेर एक से बढकर एक.

  20. बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है भाई. सारे शेर एक से बढकर एक.

  21. बहुत ही सुंदर और उम्दा ग़ज़ल लिखा है आपने!

  22. बहुत ही सुंदर और उम्दा ग़ज़ल लिखा है आपने!

  23. जिंदगी के करीब ले जाती गजल।( Treasurer-S. T. )

  24. जिंदगी के करीब ले जाती गजल।
    ( Treasurer-S. T. )

  25. मुश्किल है चीजों को होने से रोकन. ठीक उसी तरह से आपको भी अच्छी गज़ल कहने से रोकना. बहुत अच्छा लिखा है आपने. मेरी बधाई आपको. ऐसे ही लिखते रहे.

  26. मुश्किल है चीजों को होने से रोकन. ठीक उसी तरह से आपको भी अच्छी गज़ल कहने से रोकना. बहुत अच्छा लिखा है आपने. मेरी बधाई आपको. ऐसे ही लिखते रहे.

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