आज अपनी एक ऐसी रचना यहाँ दे रहा हूँ जो वाराणसी के एक मशहूर गायक श्री चन्द्रशेखर चक्रवर्ती जी ने गायी है और यह रचना राग दुर्गा में उनके द्वारा निबद्ध की गयी है। इस ग़ज़ल का दूसरा शेर तथाकथित डान (अपराधी) के सन्दर्भ में तथा चौथा शेर भारतीय तथा पाश्चात्य संगीत के लिये है।आप सभी प्रबुद्धजन हैं ये अर्थ बताने की जरुरत नही है पर इच्छा हुई तो लिख दिया,आशा है आप इसके लिये नाराज़ नही होंगे।

चाहे जितना कष्ट उठा ले, अच्छाईअच्छाई है।
खुल जाता है भेद एक दिन, सच्चाईसच्चाई है।

होती है महसूस जरूरत, जीवन में इक साथी की,
तनहा जीवन कट नहीं सकता,तनहाईतनहाई है।

चर्चे खूब हुए हैं तेरे,हर घर में हर महफ़िल में,
चाहे जितनी शोहरत पा ले, रुसवाईरुसवाई है।

पूरे बदन को झटका देना,हाथों को ऊपर करके,
सच पूछो तो तेरी उम्र की, अँगडा़ईअँगडा़ई है।

पश्चिम की पूरजोर हवा से,पैर थिरकने लगते हैं,
झूम उठता है सिर मस्ती में, पुरवाईपुरवाई है।

भाषा अलग अलग पहनावा,अलग अलग हम रहतें हैं,
लेकिन हम सब हिन्दुस्तानी, भाईभाईभाई हैं।

गम़ में खुशी में एक सा रहना,जैसे एक सी रहती है;
सुखदुख दोनों में बजती है, शहनाईशहनाई है।

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Comments on: "चाहे जितना कष्ट उठा ले" (22)

  1. 'होती है महसूस जरूरत, जीवन में इक साथी की,तनहा जीवन कट नहीं सकता,तनहाई-तनहाई है।' -सुन्दर पंक्तियाँ.

  2. 'होती है महसूस जरूरत, जीवन में इक साथी की,
    तनहा जीवन कट नहीं सकता,तनहाई-तनहाई है।'

    -सुन्दर पंक्तियाँ.

  3. achi rachna gaane men khoob rang laai hogi

  4. achi rachna gaane men khoob rang laai hogi

  5. पूरे बदन को झटका देना,हाथों को ऊपर करके,सच पूछो तो तेरी उम्र की, अँगडा़ई-अँगडा़ई है।"इन पंक्तियों का सन्दर्भ लाजवाब है और संकेत भी । आभार ।

  6. पूरे बदन को झटका देना,हाथों को ऊपर करके,
    सच पूछो तो तेरी उम्र की, अँगडा़ई-अँगडा़ई है।”

    इन पंक्तियों का सन्दर्भ लाजवाब है और संकेत भी । आभार ।

  7. गम़ में खुशी में एक सा रहना,जैसे एक सी रहती है;सुख-दुख दोनों में बजती है, शहनाई-शहनाई है।बहुत ही सुन्‍दर शब्‍दों में व्‍यक्‍त यह पंक्तियां लाजवाब ।

  8. गम़ में खुशी में एक सा रहना,जैसे एक सी रहती है;
    सुख-दुख दोनों में बजती है, शहनाई-शहनाई है।

    बहुत ही सुन्‍दर शब्‍दों में व्‍यक्‍त यह पंक्तियां लाजवाब ।

  9. गम़ में खुशी में एक सा रहना,जैसे एक सी रहती है;सुख-दुख दोनों में बजती है, शहनाई-शहनाई है।बहुत ही सुन्‍दर शब्‍दों में व्‍यक्‍त यह पंक्तियां लाजवाब ।

  10. गम़ में खुशी में एक सा रहना,जैसे एक सी रहती है;
    सुख-दुख दोनों में बजती है, शहनाई-शहनाई है।

    बहुत ही सुन्‍दर शब्‍दों में व्‍यक्‍त यह पंक्तियां लाजवाब ।

  11. shukria,aapki gazalen…goya acchai,sacchai etc.etc.

  12. shukria,aapki gazalen…goya acchai,sacchai etc.etc.

  13. Lajawaab abhivyakti hai……. khoobsoorat gazal hai, har sher khilta gulaab jaise..

  14. Lajawaab abhivyakti hai……. khoobsoorat gazal hai, har sher khilta gulaab jaise..

  15. पहली बार पढ़ा आपको, और मज़ा आ गया… बेहद खूबसूरत इंतख़ाबदाद कबूल कीजिये…

  16. पहली बार पढ़ा आपको, और मज़ा आ गया… बेहद खूबसूरत इंतख़ाब
    दाद कबूल कीजिये…

  17. चाहे जितना कष्ट उठा ले, अच्छाई-अच्छाई है।खुल जाता है भेद एक दिन, सच्चाई-सच्चाई है।होती है महसूस जरूरत, जीवन में इक साथी की,तनहा जीवन कट नहीं सकता,तनहाई-तनहाई है।wah chaturvedi ji har sher umda, poori gazal lajawaab , badhaai sweekaren.

  18. चाहे जितना कष्ट उठा ले, अच्छाई-अच्छाई है।
    खुल जाता है भेद एक दिन, सच्चाई-सच्चाई है।

    होती है महसूस जरूरत, जीवन में इक साथी की,
    तनहा जीवन कट नहीं सकता,तनहाई-तनहाई है।

    wah chaturvedi ji har sher umda, poori gazal lajawaab , badhaai sweekaren.

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