कई दिनों बाद इस ब्लाग पर कोई रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ।देर की वजह कुछ तो “समकालीन ग़ज़ल [पत्रिका] “,”बनारस के कवि/शायर “में व्यस्तता थी;कुछ मौसम का भी असर था।दरअसल गर्म मौसम में नेट पर बैठने का मन नहीं करता ; परन्तु अब नई रचनाएँ पोस्ट कर रहा हूँ , आशा है आप का स्नेह हर रचना को मिलेगा … यहाँ इस रचना के साथ मैं पुनः उपस्थित हूँ-

पास आओ तो बात बन जाए।
दिल मिलाओ तो बात बन जाए।

बात गम से अगर बिगड़ जाए,
मुस्कुराओ तो बात बन जाए।

बीच तेरे मेरे जुदाई है,
याद आओ तो बात बन जाए।

तुमको देखा नहीं कई दिन से,
आ भी जाओ तो बात बन जाए।

साथ मेरे वही मुहब्बत का,
गीत गाओ तो बात बन जाए।

नफरतों से फ़िजा बिगड़ती है ,
दिल लगाओ तो बात बन जाए।

Advertisements

Comments on: "पास आओ तो बात बन जाए" (18)

  1. बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल लिखा है आपने जो काबिले तारीफ है!

  2. बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल लिखा है आपने जो काबिले तारीफ है!

  3. तुमको देखा नहीं कई दिन से,आ भी जाओ तो बात बन जाएबहुत ही खूब, लाजवाब शेर …………

  4. तुमको देखा नहीं कई दिन से,
    आ भी जाओ तो बात बन जाए

    बहुत ही खूब, लाजवाब शेर …………

  5. bahut hi sundar sher hai laazbaaw…………….ek ek panktiya sundar hai

  6. bahut hi sundar sher hai laazbaaw…………….ek ek panktiya sundar hai

  7. ख़ूबसूरत शेर..दिल का भा गयी आपकी ग़ज़ल..

  8. ख़ूबसूरत शेर..
    दिल का भा गयी आपकी ग़ज़ल..

  9. are,,garmi me hi to dil kartaa hai net par,,,kyoonki,,साथ मेरे वही मुहब्बत का,गीत गाओ तो बात बन जाए।

  10. are,,
    garmi me hi to dil kartaa hai net par,,,
    kyoonki,,
    साथ मेरे वही मुहब्बत का,
    गीत गाओ तो बात बन जाए।

  11. नफरतों से फ़िजा बिगड़ती है ,दिल लगाओ तो बात बन जाए। अतिसुन्दर ग़ज़ल का सबसे पसंदीदा शेर. पर नफरतों के कारण पर भी तो विचार करना होगा………..सुन्दर प्रस्तुति पर बधाई.चन्द्र मोहन गुप्त

  12. नफरतों से फ़िजा बिगड़ती है ,
    दिल लगाओ तो बात बन जाए।

    अतिसुन्दर ग़ज़ल का सबसे पसंदीदा शेर. पर नफरतों के कारण पर भी तो विचार करना होगा………..

    सुन्दर प्रस्तुति पर बधाई.

    चन्द्र मोहन गुप्त

  13. bahut sunder gazal haigeet gaao to baat ban jaaye

  14. bahut sunder gazal hai

    geet gaao to baat ban jaaye

  15. नफरतों से फ़िजा बिगड़ती है ,दिल लगाओ तो बात बन जाए। खूबसूरत गजल सभी शेर सुन्दर

  16. नफरतों से फ़िजा बिगड़ती है ,
    दिल लगाओ तो बात बन जाए।
    खूबसूरत गजल
    सभी शेर सुन्दर

  17. Baat to ban gai ji …..Rachana bahut acchi lagi badhai swikaar kare!http://kavyamanjusha.blogspot.com/

  18. Baat to ban gai ji …..Rachana bahut acchi lagi badhai swikaar kare!
    http://kavyamanjusha.blogspot.com/

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

टैग का बादल